Movie Review
Article 370
मूवी रिव्यू :
Movie Name- आर्टिकल 370
कलाकार :यामी गौतम, प्रियामणि, वैभव तत्ववादी, अरुण गोविल, किरण करमाकर
निर्देशक :आदित्य सुहास जांभे
लेखक :आदित्य धर
रिलीज डेट :
Feb 23, 2024
भारत सरकार द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को रद्द करना एक ऐतिहासिक निर्णय था जिसने जम्मू और कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार दिया। इस कदम के साथ-साथ राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में विभाजित किया गया, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र को शेष भारत के साथ अधिक निकटता से एकीकृत करना था।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 (Article 370) जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था। पांच अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रभाव को खत्म कर दिया था। साथ ही राज्य को दो हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था
जैसा की Article 370 के बारे में पुरे देश को पता है मौजूदा सरकार PM नरेन्द्र मोदी और टीम ने मिलकर कैसे आर्टिकल 370 का खत्मा किया इस मूवी में दिखाया गया है की सरकार ने कैसे कम समय में कड़े फैसले लेते हुए आर्टिकल 370 को लेकर सरकार के गुप्त प्लान को कैसे अंजाम दिया और 370 को ख़तम करने से पहले सरकार ने क्या क्या तयारिया की इस मूवी में दिखाया गया है , कैसे सरकार के टॉप सीक्रेट प्लान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के टॉप सीक्रेट फैसले पर आधारित है।
फिल्म की कहानी सुरु होती है एक ख़ुफ़िया अधिकारी जूनी हक्सर से , फिल्म में एक नया मोड़ तब आता है जब जूनी हक्सर को आतंकी बुरहान बानी के अड्डे का पता चलता है , तब जूनी हक्सर अपनी टीम के साथ बुरहान बानी के ठिकाने पर धावा बोलकर बुरहान बानी को मार गिराती है , इसी बात का पता जब बुरहान समर्थित लोगो को लगता है
तो जम्मू कश्मीर में पत्थर बाजी सुरु हो जाती है और इन सब घटनाओ की जिम्मेदार जूनी हक्सर को मानकर उसका Transfer दिल्ली कर दिया जाता है.
जैसे ही सरकार अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की दिशा में आगे बढ़ती है। पीएमओ सचिव राजेश्वरी स्वामीनाथन अपनी एक टीम का गठन करती है और कश्मीर में एनआईए ऑपरेशन का नेतृत्व करने के लिए जूनी हक्सर को नियुक्त करती है। फिर कैसे जूनी हक्सर गद्दार नेताओ और स्थानीय और आतंकी संगठनों के द्वारा जो अड़चने पैदा होती उन सबसे juni haksar कैसे मुकाबला करती है।
जूनी उन अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करती है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर देशसेवा में समर्पित हैं। वह खुद अनुच्छेद 370 की भुक्तभेागी है। ऐसे में जूनी के दर्द और संवेदनाओं को यामी ने संजीदगी से दर्शाया है। उन्हें यहां पर एक्शन करने का भी मौका मिला है। पीएमओ अधिकारी के किरदार में प्रियामणि आत्मविश्वासी लगी हैं।
दोनों अभिनेत्रियों और उनके साथ सहयोगी भूमिका में आए कलाकार अपनी परफार्मेंस से बांधने में सफल रहते हैं। कश्मीरी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री की भूमिका में राज जुत्सी, कमांडर यश चौहान की भूमिका में वैभव तत्ववादी, खावर अली की भूमिका में राज अरूण, प्रधानमंत्री बने अरुण गोविल और गृह मंत्री की भूमिका में किरण करमाकर अपनी परुार्मेंस के साथ कहानी की रोचकता बरकरार रखते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड संगीत कहानी साथ सुसंगत है।
दोनों अभिनेत्रियों और उनके साथ सहयोगी भूमिका में आए कलाकार अपनी परफार्मेंस से बांधने में सफल रहते हैं। कश्मीरी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री की भूमिका में राज जुत्सी, कमांडर यश चौहान की भूमिका में वैभव तत्ववादी, खावर अली की भूमिका में राज अरूण, प्रधानमंत्री बने अरुण गोविल और गृह मंत्री की भूमिका में किरण करमाकर अपनी परुार्मेंस के साथ कहानी की रोचकता बरकरार रखते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड संगीत कहानी साथ सुसंगत है।






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